भारत भूषण तिवारी मामले में न्याय की मांग तेज, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे सैकड़ों लोग
Demand for justice in the Bharat Bhushan Tiwari case intensifies
शाहपुर (आरा)। कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 17 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बिलौटी गांव समेत आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग निजी वाहनों व अन्य साधनों से दिल्ली पहुंच चुके हैं। हालांकि, जंतर-मंतर पर धरना के लिए प्रशासन की ओर से केवल 500 लोगों को अनुमति मिली है।
जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई की देर रात से शुरू हुआ दिल्ली जाने का सिलसिला 16 जुलाई की शाम तक जारी रहा। दिल्ली पहुंचे लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था वहां पहले से रह रहे ग्रामीणों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा की गई है।
दिल्ली में भरत तिवारी के परिजन
भारत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, माता आशा देवी, बहन रूबी देवी, भाभी सुमन देवी, छोटे भाई चंदन तिवारी, सरोज त्रिपाठी सहित गांव के अन्य लोग दिल्ली के करीब आधा दर्जन स्थानों पर ठहरे हुए हैं।
परिजनों ने बताया कि इससे पहले ही बड़ी संख्या में समर्थक दिल्ली पहुंचकर आंदोलन की तैयारियों में जुट गए थे।
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले भोजपुर और आसपास के गांवों के लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई थी। उनके अनुसार विभिन्न स्थानों पर जुटे समर्थकों की संख्या अब हजारों में पहुंच चुकी है।
परिजनों का दावा है कि प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित करणी सेना, ब्राह्मण महासभा, हिंदू सेना, परशुराम सेना और अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
आंदोलन के माध्यम से भारत भूषण तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जाएगी।
उधर, बिलौटी गांव में भी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। परिजनों ने दोहराया कि जब तक भारत भूषण तिवारी प्रकरण में न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।